जैसे ही हम 2026 की दहलीज पर कदम रख रहे हैं, एक पत्रकार और समाज का सजग प्रहरी होने के नाते, मेरे मन में देश की भविष्यवाणियों और वास्तविकताओं का एक मिश्रित चित्र उभरता है। नया साल केवल कैलेंडर बदलने की तारीख नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्र के 'चरित्र' को और अधिक निखारने का एक अवसर भी है।
आज जब हम एक 'सशक्त भारत' का सपना देखते हैं, तो वह सपना कैसा होना चाहिए?
1. धर्मनिरपेक्षता: हमारी सबसे बड़ी ताकत
भारत की आत्मा उसकी विविधता में बसती है। 2026 में, मेरी कलम और मेरे विचार उस भारत की वकालत करते हैं जहाँ 'धर्मनिरपेक्षता' केवल संविधान के पन्नों तक सीमित न हो, बल्कि वह हमारे दैनिक व्यवहार में दिखे। एक ऐसा भारत जहाँ मंदिर की घंटी और मस्जिद की अजान एक-दूसरे के विरोध में नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व के संगीत के रूप में गूंजें। सच्चा राष्ट्रवाद वही है जो हर नागरिक को, चाहे वह किसी भी मजहब का हो, उसे 'भारतीय' होने का गर्व महसूस कराए। आपसी भाईचारा ही देश की तरक्की का ईंधन है।
2. उन्नतशील और प्रगतिशील सोच
उन्नति का अर्थ केवल ऊंची इमारतें या बुलेट ट्रेन नहीं है। एक उन्नतशील भारत वह है जहाँ - शिक्षा, तार्किक हो और रोजगारपरक हो। युवा, सोशल मीडिया की भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय देश के निर्माण में भागीदार बनें और तकनीक, किसान के खेत तक पहुंचे और गरीब की थाली तक अनाज सुनिश्चित करे।
हमें रूढ़िवादी बेड़ियों को तोड़कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा, तभी हम विश्व गुरु बनने की दिशा में बढ़ पाएंगे।
3. खुशहाल भारत: अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति
पत्रकारिता का धर्म है कि वह चमक-धमक के पीछे छिपे अंधेरे को भी दिखाए। एक खुशहाल देश वह है जहाँ न्याय पाने के लिए वर्षों इंतजार न करना पड़े, जहाँ अस्पताल में इलाज के अभाव में किसी की जान न जाए, और जहाँ बेटियां रात के अंधेरे में भी उतनी ही सुरक्षित महसूस करें जितनी दिन के उजाले में। 2026 में हमें जीडीपी (GDP) के साथ-साथ 'ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस' पर भी ध्यान देना होगा।
निष्कर्ष:
2026 का सूरज नई उम्मीदें लेकर आया है। आइए, हम सब मिलकर नेताओं से लेकर आम नागरिकों तक, यह संकल्प लें कि हम नफरत के बजाय प्रेम, अज्ञानता के बजाय शिक्षा और निराशा के बजाय आशा को चुनेंगे। एक पत्रकार के रूप में, मैं (शीबू खान) सत्य और न्याय के साथ खड़ा रहने का वचन देता हूँ।
जय हिन्द, जय भारत!
|| नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ ||
"मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।"
नूतन वर्ष 2026 के पावन अवसर पर, मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि हमारा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो, समाज में आपसी प्रेम बना रहे और आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। आइए, इस नए साल में एक सशक्त और खुशहाल भारत बनाने का संकल्प लें।
आपका
शीबू खान
(राष्ट्रीय महासचिव - साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (CJA)
बुधवार, 31 दिसंबर 2025
संपादकीय लेख - नव वर्ष 20262026 का संकल्प: एक धर्मनिरपेक्ष, उन्नतशील और खुशहाल भारत की परिकल्पना
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
सीजेए के राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान का सादगी से मनाया गया जन्मदिन
- पत्रकारों के हितों की लड़ाई को लेकर दिया गया एकजुटता का संदेश - मीडिया फायर ब्रांड लीडर शीबू खान ने सभी का जताया आभार फतेहपुर। साइबर जर...
-
- महंत रामेश्वरानंद गिरी महाराज की आजीवन साधना को सम्मानित करते हुए, कबीर महाराज ने सँभाली धाम की सेवा की कमान लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रायबरे...
-
काठमांडू। भारत ने नेपाल को 15 इलेक्ट्रिक कार उपहार में दी हैं। काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इन्हें रविवार को नेपाल की विदे...
-
(शाश्वत तिवारी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया हालिया संदेश – "अब सिर्फ पीओके पर ही बात होगी, आतंकवाद और बातचीत ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें